12000 करोड़ को लेकर अमेरिकी कोर्ट में Air India के खिलाफ केस दर्ज , क्या फिर से टल जाएगी इसकी बिक्री? जानिए पूरा मामला

टैक्स विवाद मामले में Cairn Energy ने एयर इंडिया के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट में मामला दर्ज किया है. क्या इससे इस नेशनल कैरियर की बिक्री पर किसी तरह का असर होगा, यह अहम सवाल है. फिलहाल सरकार की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि इससे एयरलाइन की बिक्री पर किसी तरह का असर नहीं होगा. DIPAM के अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि इस मामले से एयर इंडिया के विनिवेश पर किसी तरह का असर नहीं होगा.

एयर इंडिया की सपंत्ति सीज करने को लेकर न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मामला दर्ज किया गया है. इसमें केयर्न की तरफ से कहा गया है कि एयर इंडिया को बकाया के लिए उत्तरदायी बनाया जाए. इधर ब्रिटिश कंपनी केयर्न एनर्जी की तरफ से की गई कार्रवाई को लेकर भारत सरकार का कहना है कि वह इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन के फैसले के तहत अपना पैसा वापस लेने के लिए भारत सरकार पर दबाव बनाना चाहती है. इसी कारण से कंपनी ने यह कदम उठाया है. रिपोर्ट के मुताबिक केयर्न एनर्जी ने एयर इंडिया के अलावा BPCL, शिपिंग कॉर्पोरेशन, BEML जैसी कंपनियों की विदेशी संपत्तियों की पहचान की है. सरकार ने इन सभी कंपनियों को नहीं घबराने की सलाह दी है.

5 लाख करोड़ की संपत्ति की पहचान की है

बता दें कि टैक्स विवाद मामले में इंटरनेशनल कोर्ट से जीत मिलने के बाद Cairn Energy अपने पैसे के लिए सरकार के पीछे बुरी तरह पड़ चुकी है. भारत सरकार को उसे 1.72 अरब डॉलर (करीब 12 हजार करोड़) लौटाने हैं. जानकारी के मुताबिक केयर्न एनर्जी ने विदेशों में भारत सरकार की करीब 70 अरब डॉलर (5 लाख करोड़ से ज्यादा) से ज्यादा संपत्ति की पहचान की है. केयर्न एनर्जी ने एयर इंडिया के प्लेन, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के जहाज, सरकारी बैंकों की विदेशी संपत्ति, PSU की ऑयल एंड गैस कार्गो जैसी संपत्तियों की पहचान की है.

कोरोना के कारण फिलहाल प्रक्रिया धीमी हुई

एयर इंडिया के निजीकरण को लेकर दीपम का कहना है कि कोरोना के नए वेव के कारण इस प्रक्रिया में थोड़ी अड़चन आई है. अभी फिजिकल मीटिंग नहीं हो पा रही है जिसके कारण इसमें देरी हो रही है. दीपम के अधिकारियों का कहना है कि हमें उम्मीद थी कि चालू वित्त वर्ष के दो महीने भीतर इस प्रक्रिया में तेजी की उम्मीद थी लेकिन महामारी ने फिलहाल इस पर पानी फेर दिया है. सरकार इस वित्त वर्ष Air India , BPCL का निजीकरण करेगी. इसके जरिए सरकार को 1.10 लाख करोड़ से ज्यादा कमाई की उम्मीद है.

source:tv9news

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