World Ocean Day 2021: आज है विश्व महासागर दिवस, जानें थीम और सी फूड के फायदों के बारे में

World Ocean Day 2021: आज 8 जून को विश्वभर में वर्ल्ड ओशियन डे 2021 (विश्व महासागर दिवस) मनाया जा रहा है. आज समुद्र (Ocean) की साफ-सफाई के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है और समुद्र तट पर फैले कचरे को साफ किया जाता है. महासगर दिवस मनाने के पीछे उद्देश्य है कि लोग यह जान सकें कि महासागर उनका लिए कितने जरूरी हैं. महासगरों से उन्हें कई तरह की दवाइयां (Medicines) मिलती हैं जिसमें कैंसर तक की दवाइयां शामिल हैं. इसलिए सभी लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वह महासागर के अस्तित्व को बनाए रखने और इनके सरंक्षण में अपना योगदान दें.

क्या है थीम

विश्व महासागर दिवस 2021 की थीम है- महासागर में मौजूद लाइफ और लाइवलीहुड से जुड़े तथ्यों के बारे में आम जन तक जानकारी पहुंचाना. लोगों में ये जागरूकता पैदा करना कि ये महासगर ही हैं जो पूरी दुनिया में प्रोटीन उपलब्ध कराने का सबसे बड़ी जरिया है. महासागर आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और रोजगार देने में भी अहम भूमिका निभाता है. समुद्र हमें काफी कुछ देता है जिसमें सी फूड, मूंगा, ऑक्सीजन, भोजन और हवा शामिल है. इससे जलवायु में भी बैलेंस बना रहता है. समुद्र से मिलने वाला सी फूड (Sea Food) पोषक तत्वों से भरपूर होता है. सी फूड एजिंग को भी काफी धीमा कर देता है.

सी फूड क्‍या है
समु्द्र से मिलने वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि मछलियां, केकड़ा, प्रॉन को सी फूड (Sea Food ) कहा जाता है. झींगा, क्रेब्‍स, केकड़ा, स्क्विड, ओएस्टर और मछली सी फूड की श्रेणी में आते हैं. सी फूड नॉन-वेज होता है.

सी फूड में मिलने वाले पोषक तत्व
सी फूड में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होते हैं. ये पोषक तत्व अन्य खाद्य पदार्थों में नहीं पाए जाते हैं. सी फूड में सेलेनियम और विटामिन ई मुख्य रूप से पाए जाते हैं. इसके अलावा समुद्र में पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में प्रोटीन भी उचित मात्रा में पाया जाता है. सी फूड में विटामिन ए, बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स, विटामिन डी, सेलेनियम, जिंक, आयोडीन और आयरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. शरीर पर एजिंग का प्रभाव रोकने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड काफी फायदेमंद होता है. मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड अधिक मात्रा में पाया जाता है.

सी फूड क्यों है हेल्दी

-कुछ खास मछलियां सेहत के लिए बहुत ही अच्छी होती हैं जिनमें टूना फिश, आर्कटिक चार, स्ट्रिपड बास, सर्दिनेस, पर्च, कॉड, अलास्कन सालमन का नाम शामिल है.

-कॉड फिश में फॉस्फोरस, नियासिन, विटामिन B 12 अधिक मात्रा में पाया जाता है.

-अलास्कन सालमन में ओमेगा 3 फैटी एसिड अधिक मात्रा में पाया जाता है जो कि स्किन पर बढ़ती उम्र का प्रभाव नजर आने नहीं देता.

source:news18

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