जुलाई तक दिल्ली में लग जाएंगे और 17 नये ऑक्सीजन प्लांट, जानिए अस्पतालों में क्या है मौजूदा हालात?‌

नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना संक्रमण (Corona virus) की संभावित तीसरी लहर (Third Wave of Corona) से निपटने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) पूरी तरीके से गंभीर है. दिल्ली में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी को पूरा करने के लिए वॉर लेवल पर बड़े काम किए जा रहे हैं.

दिल्ली सरकार की ओर से ज्यादा से ज्यादा अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) लगाने की कार्रवाई की जा रही है. अब तक दिल्ली के 9 अस्पतालों में 22 ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा चुके हैं. वहीं जुलाई में 17 नये ऑक्सीजन प्लांट और जुड़ जाएंगे यानी जुलाई में करीब ऑक्सीजन प्लांट की संख्या 44 हो जाएगी. दिल्ली भर में कुल 64 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना है.

दिल्ली में संक्रमित मरीजों की संख्या अब सिर्फ 3,466
वर्तमान समय में देखा जाए तो दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से कम हो रहे हैं. और संक्रमित मरीजों की संख्या भी 3,466 पर आ चुकी है. बावजूद इसके दिल्ली सरकार संभावित तीसरी लहर को लेकर बेहद चिंतित है. इसको लेकर बड़े स्तर पर काम किए जा रहे हैं.

यूके के भीतर 45 फीसदी वैक्सीनेशन के बाद मिल रहे थर्ड वेव के संकेत

बताते चलें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी कहा है किकोरोना की तीसरी लहर की प्रबल संभावना है. इसके लिए सरकार हर स्तर पर अभी से ही तैयारियों में जुट गई है. मुख्यमंत्री की माने तो ब्रिटेन (यूके) के भीतर 45 फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन (Vaccination) हो चुका है.

बावजूद इसके वहां पर भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसलिए दिल्ली भी कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए पूरी तैयारियों में जुटी हुई है. उन्होंने यह बात भी कही है कि यूके से संकेत मिल रहे हैं कि वहां पर तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है.

दिल्ली में शायद ही कोई घर बचा होगा जो कोरोना चपेट में नहीं आया 

मुख्यमंत्री का कहना है कि हमें कोरोना की तीसरी लहर का बेहद डर है. इसीलिए सभी तैयारियां की जा रही हैं .उन्होंने यह बात भी कही है कि यह लहर बेहद ही खतरनाक होने की संभावना जताई जा रही है.

मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर देश में थी, लेकिन दिल्ली के भीतर यह चौथी लहर थी. यह लहर भी इतनी खतरनाक थी कि दिल्ली में शायद ही कोई घर बचा होगा, जहां पर कोई व्यक्ति कोरोना से बीमार नहीं पड़ा हो.

अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की हर रोज की जरूरत अब सिर्फ 150 टन 

जानकारी के मुताबिक दिल्ली में जिस तरीके से मरीजों का आंकड़ा बहुत तेजी के साथ घट रहा है. और दिल्ली अनलॉक 3.0 (Delhi Unlock 3.0) की ओर बढ़ चुकी है. ऐसे में अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन (Medical Oxygen) की हर रोज की जरूरत भी सिर्फ 150 टन रह गई है. लेकिन यही डिमांड कोरोना संक्रमण के पीक पर रहने के दौरान 700 टन से ज्यादा प्रतिदिन पहुंच गई थी.

इन सभी जरूरतों को और संभावित कोरोना की लहर को देखते हुए दिल्ली सरकार बड़ी संख्या में स्टोरेज टैंक (Storage Tank) की भी व्यवस्था कर रही है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन को स्टोरेज किया जा सके. दिल्ली में 9 अस्पतालों में करीब 22 ऑक्सीजन प्लांट शुरू किए गये हैं जिससे अब तक कुल 27 प्लांट दिल्ली में लग चुके हैं.

वहीं केंद्र सरकार की ओर से भी दिल्ली में प्लांट लगाने का काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार की ओर से 6 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं और  7 ऑक्सीजन प्लांट जल्द ही जोड़ने वाले हैं.

दिल्ली सरकार 25 ऑक्सीजन टैंकर भी खरीद रही

इसके अलावा दिल्ली सरकार ऑक्सीजन टैंकर की भी व्यवस्था कर रही है. ऑक्सीजन की इधर से उधर सप्लाई करने के लिए ऑक्सीजन टैंकर खरीदे जा रहे हैं. इसलिये दिल्ली सरकार आने वाले समय में 25 ऑक्सीजन टैंकर भी खरीदने जा रहे हैं.

आने वाले समय में अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की कमी को पूरा करने के लिए भी सरकार योजना पर काम कर रही है. दिल्ली सरकार ने चीन से 6,000 ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) आयात किए हैं जिससे जरूरत पड़ने पर करीब 3,000 ऑक्सीजन बैड तैयार किये जा सकेंगे.

source:news18
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