LIC IPO: सरकार की एंकर निवेशकों से 25 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना

मुंबई. सरकार एंकर निवेशकों के एक समूह के माध्यम से एलआईसी के आईपीओ में 25 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है. एक शीर्ष सरकारी अधिकारी सहित मामले से जुड़े दो लोगों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि देश की सबसे बड़ी इंश्योरर कंपनी अपने बोर्ड के स्ट्रक्चर में भी बदलाव करने जा कही है. साथ ही नए एकाउटिंग नियमों को भी अपनाएगी.

दो दर्जन से ज्यादा एंकर निवेशक हो सकते हैं

सूत्रों के मुताबिक, एम्बेडेड वैल्यूएशन एक्सरसाईज और आईपीओ की कीमत तय होने के बाद एंकर निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा. एख दूसरे सूत्र के मुताबिक एलआईसी के आईपीओ में दो दर्जन से ज्यादा एंकर निवेशक (anchor investors ) हो सकते हैं.

एंकर निवेशकों को अनिवार्य रूप से निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने और बाजार में आईपीओ की मांग का आकलन करने के लिए लाया जाता है। एलआईसी के आकार और नए बदलावों की वजह से एंकर निवेशक कंपनी के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं. आईपीओ निवेशक कंपनी की साइज की वजह से इसके ग्रोथ को लेकर चिंतित हो सकते हैं.

कंपनी में मात्र 10% हिस्सेदारी का मूल्य कम से कम ₹1 ट्रिलियन होने का अनुमान है, जो भारतीय इक्विटी बाजार के लिए अपरंपरागत रूप से उच्च है।

IPO के 50% शेयर QIB को ऑफर किए जा सकते हैं

सेबी के नियमों के मुताबिक, एंकर निवेशक क्यूआईबी (qualified institutional buyers) होते हैं जो आईपीओ के खुलने से पहले कम से कम ₹10 करोड़ का निवेश करने के लिए आवेदन करके कंपनी के शेयरों को एक विशेष कीमत पर खरीदने के लिए सहमत होते हैं। IPO के 50% शेयर QIB को ऑफर किए जा सकते हैं। इसमें से 60% तक एंकर निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है। इसमें से एक तिहाई म्यूचुअल फंड के लिए आरक्षित है।

आईपीओ मार्च 2022 तक आ सकता है

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार आने वाले हफ्तों में एलआईसी के शेयरों की बिक्री के लिए इनविटेशन भेज सकती है. एलआईसी का आईपीओ मार्च 2022 तक आ सकता है. इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 के यूनियन बजट को पेश करते समय एलआईसी के आईपीओ का एलान किया था.

एलआईसी की ताजा एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 में एलआईसी की कुल अनुमानित संपत्ति करीब 32 लाख करोड़ रुपये यानी 439 अरब डॉलर है. देश के लाइफ इंश्योरेंस बाजार में एलआईसी की हिस्सेदारी करीब 69 फीसदी है. सूत्रों के मुताबिक एलआईसी की लिस्टिंग योजना के बारे में अभी चर्चा चल रही है और इसमें अब भी बदलाव हो सकता है. इस बारे में वित्त मंत्रालय के एक प्रतिनिधि ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

source:news18

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