केराटिन ट्रीटमेंट करवाने से पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

अगर आपके बाल उलझे, रूखे या अनमैनेजेबल (Unmanageable) हैं तो बालों को मैनेज और स्ट्रेट करने के लिए कई बार आपको बालों में केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट करवाने की सलाह ज़रूर दी जाती होगी. दरअसल ये ट्रीटमेंट उलझे और फ्रिजी बालों को मैनेज करने के लिए काफी मशहूर ट्रीटमेंट माना जाता है. अगर आप भी अपने बालों में ये ट्रीटमेंट करवाने की सोच रही हैं. तो आपको इसके फायदों के साथ इससे होने वाले नुकसान (Side effects) के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में.

केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट क्या है?

सबसे पहले ये जान लें कि केराटिन ट्रीटमेंट क्या है? इसका पूरा नाम है केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट और जिसको बालों की चमक और स्मूथनेस बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. दरअसल केराटिन बालों में नैचरल तरीके से मौजूद प्रोटीन होता है जो बालों में चमक को बरकरार रखता है. लेकिन आज की लाइफ स्टाइल, धूप, प्रदूषण और केमिकल्स मिक्स प्रोडक्ट के इस्तेमाल की वजह से बालों में मौजूद नैचुरल प्रोटीन कम होने लगता है. जिससे बाल रूखे, उलझे, अनमैनेजेबल और डैमेज होने लगते हैं. बालों में नैचुरल प्रोटीन को फिर से रीस्टोर करने के लिए ही इस ट्रीटमेंट की मदद ली जाती है. इस ट्रीटमेंट के ज़रिये बालों में आर्टिफिशल केराटिन डाला जाता है. जिससे बालों को सिल्की, शाइनी, स्मूथ और मैनेजेबल बनाया जा सके.

केराटिन ट्रीटमेंट के फायदे

-केराटिन ट्रीटमेंट करवाने के बाद बाल सिल्की, शाइनी और ग्लॉसी दिखने लगते हैं.

-बालों की स्मूथनेस बढ़ जाती है जिससे बालों को मैनेज करना आसान हो जाता है.

-बाल स्ट्रेट हो जाते हैं जिससे डिफरेंट हेयर स्टाइल में बनाना आसान हो जाता है.

-बालों का धूप की हानिकारक किरणों और पलूशन से बचाव होता है और बाल उलझते भी नहीं हैं.

ये हो सकते हैं केराटिन ट्रीटमेंट के नुकसान

-केराटिन ट्रीटमेंट करवाने के बाद बाल जल्दी ही ऑइली और ग्रीजी हो सकते हैं.

-केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट करवाने के बाद आप अपने मन के अनुसार हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं कर सकते.

-आपको स्पेशल शैंपू, कंडिशनर और हेयर स्टाइलिंग प्रॉडक्ट ही इस्तेमाल करना होगा.

-बाल एकदम स्ट्रेट हो जाते हैं और इनसे वॉल्यूम और बाउंस गायब हो जाता है.

-ट्रीटमेंट के कुछ दिनों बाद तक आप बालों को धो नहीं सकेंगे.

-ट्रीटमेंट के दौरान इस्तेमाल किये जाने वाले प्रोडट्स में केमिकल होने की वजह से एलर्जी हो सकती है.

-ट्रीटमेंट पर काफी पैसा खर्च करने के बाद इसका असर केवल चार-पांच महीने तक ही रहता है.

source:news18

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