चंद्रमा पर आवास के लिए ESA ने बनाया 3D फ्लोर, भावी अभियानों में आएगा काम

चंद्रमा पर आवास के लिए ESA ने बनाया 3D फ्लोर, भावी अभियानों में आएगा काम

आज मंगल ग्रह पर इंसान भेजे जाने संबंधी शोध जोरों पर हैं. लेकिन पृथ्वी से बाहर इंसानों को लेजाने के प्रयास में चंद्रमा (Moon) को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं और जल्दी ये सुर्खियों में भी होंगी. इसी दिशा में दुनिया भर में कई तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं. कहीं चंद्रमा पर पानी बनाने की तकनीक पर काम हो रहा है तो कहीं वहां आवासीय मकानों के लिए सामग्री तैयार करने पर प्रयोग रहे हैं. इसी बीच यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) ने चंद्रमा के यात्रियों के लिए एक खास किस्म का फर्श (Lunar Habitat Floor) तैयार किया है. इस फर्श का उपयोग चंद्रमा के आवासीय डिजाइन में होगा.

प्रदर्शन के लिए रखा गया है यह फर्श
फिलहाल चंद्रमा पर इंसानों को लंबे समय तक ठहराने की तैयारियां हो रही हैं. इसमें नासा का आर्टिमिस अभियान इसी साल शुरू होने जा रहा है जिसके तहत 2024 में चांद पर दो यात्रियों को भेजा जाएगा जिसमें से एक महिला होगी. यह आवासीय डिजाइन वास्तुकार स्किडमोर, ओविंग्स और मिरिल ने बनाया है. फिलहाल इसे वेनिसे बेनाले में प्रदर्शन के लिए रखा गया है.

395 किलो की स्टील से बना है ये
शोधकर्ताओं ने प्रोटोटाइप फ्लोर डिजाइन सेक्शन तैयार कर लिया है. इसकी खास बात यह है कि इसे डच कंपनी एमएक्स3डी कंपनी ने  थ्रीडी प्रिंटिंग के जरिए तैयार किया है. कंपनी ने इस फर्श को रोबोटिक वायर आर्क एडेटिव मैन्यूफक्चरिंग तकनीक के जरिए तैयार किया है. इसे 395 किलोग्राम की स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है.

कितना समय लगा इसमें
चंद्रमा के लिए बनाए गए इस फर्श को बनाने में 246 घंटे लगे थे. इस फर्श के छह अलग अलग हिस्से हैं जिन्हें लंबवत प्रिंट किया गया था इसके बाद उन्हें वेल्डिंग से जोड़ कर वर्तमान स्वरूप दिया गया.  इन हिस्सों को इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे वे कारगरता, उपयोग और निर्माण की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें.

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कैसे लगाया जाएगा इन फर्श को वहां
इंजीनियरों ने इस डिजाइन को चंद्रमा पर फर्श के लिए तैयार किया है. इसके लिए उन्होंने स्ट्रेस मैप एनालिसिस और कंटीन्यूअस टोपोलोजी को ऑप्टिमाइज कर इसका वजन कम किया है. इस थ्रीडी प्रिंटेड संरचना को तीन स्तंभों सहारे फ्लोर पैनल के जरिए सहारा दिया गया है. बयान में इस अध्ययन के SOM सीनियर डिजाइनर डेनियल इनोसेंटे ने बताया कि इस डिजाइन को आवास की दीवारों के कॉलम सहारा देंगे जो आवास के परिमाप और केंद्र की ओर कैंटीलीवर की तरह निकलेंगे.

चंद्रमा पर जाकर भी बना सकते हैं ये फर्श
शोधकर्ताओं ने बताया कि इंजीनियर्स ने इसके निर्माण की सीमाओं का विश्लेषण कर हर तरह फर्श की मोटाई का बारीकी से विश्लेषण किया जिससे की पूरी फर्श का भार कम किया जा सके. इस थ्रीडी प्रिंटिंग तकनीक को चंद्रमा पर जा कर भी उपयोग में लाकर वही पर फर्श का उत्पादन किया जा सकता  है. इसे चंद्रमा की धूल से निकाली गई धातुओं के साथ भी बनाया जा सकता है.

अहम उपलब्धि
ईएसए ने साल 2018 में भविष्य के प्रोटो डिजाइन वाले चंद्रमा के बेस की धारणा दी थी जिसे थ्रीडी प्रिंटिंग के जरिए  बनाया जा सके और चंद्रमा पर आवास बनाया जा सके जिससे वहां पृथ्वी पर निर्भरता को कम किया जा सके. उल्लेखनीय है कि जहां अमेरिका, रूस और चीन चंद्रमा पर स्थाई उपस्थिति के लिए प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में ईएसए की यह उपलब्धि एक बड़ा कदम कहा जा सकता  है.

जहां अमेरिका का नासा चंद्रमा पर लंबी उपस्थिति के लिए आर्टिमिस अभियान तैयार करने में लगा है, वहीं  चीन और रूस मिलकर अगले दशक में चंद्रमा पर एक वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए लूनार प्रयोगशाला बनाने की तैयारी में हैं. चंद्रमा को अमेरिका का निजी क्षेत्र पर्यटन की बड़ी संभावना के तौर पर देख रहा है. वहीं मंगल पर भी इंसानी बस्ती बसाने से पहले चंद्रमा पर सभी सभावनाओं को टटोला जा सकता है.

source:news18

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