Domestic Airfare: मांग बढ़ने से त्योहारी सीजन से पहले घरेलू हवाई किराए में उछाल, किराया बढ़ने से घट सकती है मांग

Domestic Airfare: त्योहारी सीजन से पहले मांग में तेजी और सरकार द्वारा किराया सीमा बढ़ाने के कदम के कारण अगस्त के बाद से घरेलू हवाई किराए में तेजी से वृद्धि हो रही है. इस बात की संभावना है कि अधिक किराए से इस क्षेत्र में मांग परिदृश्य कमजोर हो सकता है. महामारी के चरम के दौरान किराए पर कैप लगा दिया था, लेकिन जैसे-जैसे महामारी की स्थिति में सुधार हुआ, किराए में धीरे-धीरे वृद्धि हुई है. हवाई किराए पर इस तरह का कैप बुकिंग के 30 दिनों के भीतर की जाने वाली हवाई यात्रा वाली उड़ानों के लिए लागू होता है.

वर्तमान में, घरेलू वाहकों को एक विमान में उपलब्ध सीटों के 72.5 प्रतिशत तक बेचने की अनुमति है.

Livemint.com की रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी एयरलाइनों ने सरकार से विमान यात्री क्षमता पर कैप हटाने का अनुरोध किया है क्योंकि वे इस क्षेत्र के पुनरुद्धार में बाधा बन रहे हैं. हालांकि, छोटे एयरलाइंस कैप को हटाने के खिलाफ हैं क्योंकि इस कदम से बड़ी एयरलाइंस को किराया कम करने और बाजार में अधिक हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिलेगी.

सरकार ने 40 मिनट से कम की घरेलू उड़ानों के लिए न्यूनतम किराए को 2,600 रुपये से बढ़ाकर 2,900 रुपये कर दिया था. इस बीच, 40 मिनट से कम की उड़ानों के लिए अधिकतम किराया 7,800 रुपये से बढ़ाकर 8,800 रुपये कर दिया गया है.

लंबी अवधि की उड़ानों के मामले में – 180-210 मिनट – न्यूनतम किराया 8,700 रुपये से बढ़ाकर 9,800 रुपये कर दिया गया. वहीं, अधिकतम अवधि का किराया 24,200 रुपये से बढ़ाकर 27,200 रुपये कर दिया गया है.

नई दिल्ली-मुंबई, नई दिल्ली-कोलकाता, बेंगलुरु-कोलकाता और कई अन्य स्थानों के बीच हवाई किराए में तेज वृद्धि हुई है.

source:india.com

0Shares
Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: